Chhattisgarh News Today. Archives - Maarmik.in https://maarmik.in/tag/chhattisgarh-news-today/ खबरों का नया दृष्टिकोण Sat, 27 Dec 2025 11:42:25 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9 https://maarmik.in/wp-content/uploads/2025/06/cropped-m-logo-scaled-1-32x32.png Chhattisgarh News Today. Archives - Maarmik.in https://maarmik.in/tag/chhattisgarh-news-today/ 32 32 NIT चौपाटी विवाद : 6.5 करोड़ की राशि पर सियासत गर्म! कांग्रेस ने भाजपा नेताओं के लिए किया हवन, पूछा- गरीबों को उजाड़ने की साजिश क्यों? https://maarmik.in/nit-chowpatty-controversy-politics-heats-up-over-6-5-crore-rupees-congress-holds-havan-for-bjp-leaders-asks-why-is-this-conspiracy-to-destroy-the-poor/ https://maarmik.in/nit-chowpatty-controversy-politics-heats-up-over-6-5-crore-rupees-congress-holds-havan-for-bjp-leaders-asks-why-is-this-conspiracy-to-destroy-the-poor/#respond Sat, 27 Dec 2025 11:42:25 +0000 https://maarmik.in/?p=7230 NIT चौपाटी विवाद : रायपुर: राजधानी रायपुर की चर्चित एनआईटी (NIT) चौपाटी को लेकर छिड़ा विवाद अब और गहरा गया है। शुक्रवार को कांग्रेस ने इस मुद्दे पर अनूठा विरोध प्रदर्शन करते हुए भाजपा नेताओं के लिए ‘सद्बुद्धि यज्ञ’ किया। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री अरुण साव और विधायक […]

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NIT चौपाटी विवाद : रायपुर: राजधानी रायपुर की चर्चित एनआईटी (NIT) चौपाटी को लेकर छिड़ा विवाद अब और गहरा गया है। शुक्रवार को कांग्रेस ने इस मुद्दे पर अनूठा विरोध प्रदर्शन करते हुए भाजपा नेताओं के लिए ‘सद्बुद्धि यज्ञ’ किया। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री अरुण साव और विधायक राजेश मूणत के पोस्टरों के साथ आहुति दी और ईश्वर से प्रार्थना की कि वे सत्ताधारी दल के नेताओं को सही निर्णय लेने की शक्ति दें।

NIT चौपाटी विवाद : वैध और अवैध के फेर में फंसी चौपाटी
प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस चौपाटी को पहले पूरी तरह नियमों के तहत ‘वैध’ बताया गया था, उसे अब अचानक ‘अवैध’ करार दिया जा रहा है। विकास उपाध्याय ने सवाल उठाया कि अगर यह निर्माण अवैध था, तो जनता की गाढ़ी कमाई के 6.5 करोड़ रुपये वहां क्यों खर्च किए गए? कांग्रेस ने मांग की है कि इस बर्बादी के लिए जिम्मेदार लोगों से जवाबदेही तय की जाए और यह राशि वापस होनी चाहिए।

गरीबों की रोजी-रोटी का सवाल
कांग्रेस का मुख्य आरोप है कि इस विवाद की आड़ में छोटे व्यापारियों और ठेला संचालकों के पेट पर लात मारी जा रही है। विकास उपाध्याय ने कहा, “बीजेपी नेताओं की आपसी राजनीति की सजा उन गरीब दुकानदारों को मिल रही है जिनकी आजीविका इस चौपाटी से चलती है।” कांग्रेस की मांग है कि जब तक इन दुकानदारों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक वहां से किसी को भी न हटाया जाए।

नियमों पर उठे सवाल
कांग्रेस ने विधायक राजेश मूणत के पुराने बयानों का हवाला देते हुए पूछा कि जब यह प्रोजेक्ट शुरू हुआ था, तब सारे नियम कहां थे? अचानक सत्ता बदलते ही नियम कैसे बदल गए? कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रशासन और सरकार के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा आम जनता और छोटे कारोबारी भुगत रहे हैं।

दहशत में दुकानदार
इस राजनीतिक खींचतान के बीच चौपाटी के दुकानदार दहशत में हैं। उन्हें डर है कि किसी भी दिन प्रशासन की कार्रवाई उनकी दुकानों को उजाड़ सकती है। फिलहाल, कांग्रेस के इस ‘सद्बुद्धि यज्ञ’ ने रायपुर की राजनीति में हलचल मचा दी है और आने वाले दिनों में यह विवाद और बढ़ने के आसार हैं।

 

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Chhattisgarh Electricity Board : छत्तीसगढ़ पावर कंपनी की बड़ी लापरवाही : अपनों को ही लगा बिजली का करंट, सालों की वसूली का नोटिस देख बुजुर्गों के उड़े होश https://maarmik.in/chhattisgarh-electricity-board/ https://maarmik.in/chhattisgarh-electricity-board/#respond Wed, 24 Dec 2025 05:28:26 +0000 https://maarmik.in/?p=7078 Chhattisgarh Electricity Board : रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनी के सेवानिवृत्त (Retired) कर्मचारियों के लिए इन दिनों बिजली का बिल एक बड़ी मुसीबत बन गया है। विभाग की एक पुरानी लापरवाही की वजह से अब सैकड़ों बुजुर्ग कर्मचारियों को हजारों-लाखों रुपये के वसूली नोटिस थमाए जा रहे हैं। अचानक बिल में जुड़ी भारी-भरकम ‘एरियर’ की […]

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Chhattisgarh Electricity Board : रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनी के सेवानिवृत्त (Retired) कर्मचारियों के लिए इन दिनों बिजली का बिल एक बड़ी मुसीबत बन गया है। विभाग की एक पुरानी लापरवाही की वजह से अब सैकड़ों बुजुर्ग कर्मचारियों को हजारों-लाखों रुपये के वसूली नोटिस थमाए जा रहे हैं। अचानक बिल में जुड़ी भारी-भरकम ‘एरियर’ की राशि को देखकर पेंशनभोगी कर्मचारी परेशान और हैरान हैं।

Chhattisgarh Electricity Board : क्या है विवाद की असली वजह?

पावर कंपनी के नियमों के अनुसार, विभाग में काम करने वाले कर्मचारियों को बिजली बिल में 50 प्रतिशत की छूट दी जाती है। वहीं, जब कर्मचारी रिटायर हो जाता है, तो यह छूट कम होकर 25 प्रतिशत रह जाती है।

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असली गड़बड़ी यहीं हुई। रायपुर समेत प्रदेश के कई जोन कार्यालयों में अधिकारियों और क्लर्कों ने डेटा अपडेट ही नहीं किया। नतीजा यह हुआ कि कर्मचारी रिटायर तो हो गए, लेकिन उन्हें सालों तक पुराने नियम के हिसाब से 50% की ही छूट मिलती रही। अब जब ऑडिट में यह बड़ी चूक पकड़ी गई है, तो कंपनी उस ‘अतिरिक्त छूट’ की राशि को एरियर के रूप में वापस मांग रही है।

10-15 साल पुराना हिसाब मांग रही कंपनी

ताज्जुब की बात यह है कि विभाग अब 10 से 15 साल पुराने बिलों की जांच कर रहा है। प्रदेश के लगभग 1900 सेवानिवृत्त कर्मचारियों से यह वसूली की जानी है। कई कर्मचारियों के बिल में अचानक 50 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक जोड़ दिए गए हैं। एक मामले में तो 2011 में रिटायर हुए कर्मचारी को 2015 से 2025 तक की अवधि का नोटिस थमाया गया है। सवाल यह है कि जब गलती विभाग के सिस्टम की थी, तो इसकी सजा इन बुजुर्गों को क्यों दी जा रही है?

कर्मचारी संघ ने जताया कड़ा विरोध

छत्तीसगढ़ विद्युत सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ ने इस वसूली को पूरी तरह गलत बताया है। संघ के प्रदेश महामंत्री पुनारद राम साहू ने वितरण कंपनी के एमडी को पत्र लिखकर मांग की है कि इस वसूली को तुरंत रोका जाए। संघ का कहना है कि:

विद्युत अधिनियम 2003 के तहत 2 साल से पुरानी किसी भी बकाया राशि की वसूली नहीं की जा सकती।

डेटा अपडेट करना विभाग की जिम्मेदारी थी, इसमें कर्मचारियों की कोई गलती नहीं है।

इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

बुजुर्ग कर्मचारियों का कहना है कि वे हर महीने ईमानदारी से बिल भरते रहे, उन्हें इस गलती का पता ही नहीं था। अब बुढ़ापे में इतनी बड़ी रकम एक साथ चुकाना उनके लिए आर्थिक रूप से असंभव है।

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