liquor scam Chhattisgarh Archives - Maarmik.in https://maarmik.in/tag/liquor-scam-chhattisgarh/ खबरों का नया दृष्टिकोण Thu, 18 Dec 2025 11:01:52 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://maarmik.in/wp-content/uploads/2025/06/cropped-m-logo-scaled-1-32x32.png liquor scam Chhattisgarh Archives - Maarmik.in https://maarmik.in/tag/liquor-scam-chhattisgarh/ 32 32 Chhattisgarh Liquor News : छत्तीसगढ़ में अब ‘नोट’ जैसी सुरक्षित होगी शराब: नासिक के प्रेस में छप रहे 7 लेयर वाले होलोग्राम, घोटालेबाजों की अब खैर नहीं! https://maarmik.in/chhattisgarh-liquor-news/ https://maarmik.in/chhattisgarh-liquor-news/#respond Thu, 18 Dec 2025 11:01:52 +0000 https://maarmik.in/?p=6919  Chhattisgarh Liquor News : रायपुर: छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ सालों में हुए शराब घोटाले से सबक लेते हुए विष्णुदेव साय सरकार ने एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी फैसला लिया है। अब प्रदेश में बिकने वाली शराब की हर बोतल पर लगने वाला होलोग्राम कोई साधारण स्टिकर नहीं, बल्कि भारतीय नोटों जैसी सुरक्षा से लैस होगा। छत्तीसगढ़ […]

The post Chhattisgarh Liquor News : छत्तीसगढ़ में अब ‘नोट’ जैसी सुरक्षित होगी शराब: नासिक के प्रेस में छप रहे 7 लेयर वाले होलोग्राम, घोटालेबाजों की अब खैर नहीं! appeared first on Maarmik.in.

]]>
 Chhattisgarh Liquor News : रायपुर: छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ सालों में हुए शराब घोटाले से सबक लेते हुए विष्णुदेव साय सरकार ने एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी फैसला लिया है। अब प्रदेश में बिकने वाली शराब की हर बोतल पर लगने वाला होलोग्राम कोई साधारण स्टिकर नहीं, बल्कि भारतीय नोटों जैसी सुरक्षा से लैस होगा। छत्तीसगढ़ देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जिसने अपने शराब होलोग्राम की छपाई की जिम्मेदारी सीधे नासिक (महाराष्ट्र) स्थित भारत सरकार के नोट प्रिंटिंग प्रेस को सौंपी है।

 Chhattisgarh Liquor News : 7 लेयर वाली सुरक्षा: डुप्लीकेट बनाना नामुमकिन

पिछली सरकार के दौरान हुए कथित 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में ‘नकली होलोग्राम’ एक बड़ा हथियार था। इसी लूपहोल को बंद करने के लिए आबकारी विभाग ने पूरा सिस्टम ही बदल दिया है। नासिक में छपने वाले ये नए होलोग्राम सात लेयर (7 Layers) में तैयार किए जा रहे हैं। इसमें वही तकनीक और सुरक्षा मापदंड अपनाए जा रहे हैं, जो भारतीय मुद्रा (नोटों) की छपाई में होते हैं। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका डुप्लीकेट तैयार करना असंभव है, और यदि कोई कोशिश भी करता है, तो उसे तुरंत पकड़ा जा सकता है।

read more : GST Raid Ambikapur : GST छापा : एमजी रोड स्थित नवीन इंजीनियरिंग पर विभाग का शिकंजा, बिलों और लैपटॉप में छिपे हैं बड़े-बड़े राज?

टेंडर का खेल खत्म, सीधे केंद्र से डील

पिछली सरकारों में होलोग्राम की छपाई के लिए प्राइवेट कंपनियों को टेंडर दिए जाते थे, जिसमें अफसरों और नेताओं के सिंडिकेट अपनी मनपसंद कंपनियों के साथ मिलकर धांधली करते थे। साय सरकार ने इस ‘टेंडर राज’ को ही जड़ से खत्म कर दिया है। अब कोई टेंडर नहीं निकाला जाता; छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग सीधे केंद्र सरकार की कंपनी को ऑर्डर देता है और जितनी छपाई होती है, उतना ही भुगतान किया जाता है। इससे बिचौलियों और भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म हो गई है।

सरकार पर बोझ नहीं, कंपनियां उठा रहीं खर्च

दिलचस्प बात यह है कि इस सुरक्षा व्यवस्था पर सालाना करीब 75 करोड़ रुपये का खर्च आ रहा है, लेकिन इसका बोझ सरकारी खजाने पर नहीं पड़ रहा है। छत्तीसगढ़ में शराब की बॉटलिंग करने वाली कंपनियां अपने ऑर्डर के हिसाब से होलोग्राम का पैसा पहले ही सरकार के पास जमा करा देती हैं। सरकार वही पैसा नासिक प्रेस को भुगतान करती है।

सिर्फ 4 जगहों पर होती है ऐसी छपाई

भारत में नोटों और अति-सुरक्षित दस्तावेजों की छपाई केवल चार जगहों—नासिक (महाराष्ट्र), देवास (मध्य प्रदेश), मैसूर (कर्नाटक) और सालबोनी (पश्चिम बंगाल) में होती है। छत्तीसगढ़ ने नासिक प्रेस को चुनकर यह साफ कर दिया है कि शराब की तस्करी और अवैध बिक्री पर लगाम कसने के लिए वह सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगी।

The post Chhattisgarh Liquor News : छत्तीसगढ़ में अब ‘नोट’ जैसी सुरक्षित होगी शराब: नासिक के प्रेस में छप रहे 7 लेयर वाले होलोग्राम, घोटालेबाजों की अब खैर नहीं! appeared first on Maarmik.in.

]]>
https://maarmik.in/chhattisgarh-liquor-news/feed/ 0
CG Liquor Scam: शराब घोटाले में EOW की बड़ी कार्रवाई, पूर्व IAS निरंजन दास सहित 6 आरोपी नामजद https://maarmik.in/cg-liquor-scam-eow-takes-major-action-in-liquor-scam/ https://maarmik.in/cg-liquor-scam-eow-takes-major-action-in-liquor-scam/#respond Wed, 26 Nov 2025 11:26:53 +0000 https://maarmik.in/?p=6121 CG Liquor Scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने इस मामले में छठवां पूरक चालान कोर्ट में पेश किया है। यह चालान 6 आरोपियों के खिलाफ दाखिल किया गया है, जिनमें पूर्व IAS अधिकारी निरंजन […]

The post CG Liquor Scam: शराब घोटाले में EOW की बड़ी कार्रवाई, पूर्व IAS निरंजन दास सहित 6 आरोपी नामजद appeared first on Maarmik.in.

]]>
CG Liquor Scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने इस मामले में छठवां पूरक चालान कोर्ट में पेश किया है। यह चालान 6 आरोपियों के खिलाफ दाखिल किया गया है, जिनमें पूर्व IAS अधिकारी निरंजन दास, नितेश पुरोहित, यश पुरोहित, मुकेश मनचंदा, अतुल सिंह और दीपेन चावड़ा शामिल हैं। EOW द्वारा दायर किए गए इस चालान में करीब 6300 पन्ने शामिल हैं।

जांच में सामने आए घोटाले के चौंकाने वाले खुलासे

EOW की जांच में खुलासा हुआ कि पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास ने कारोबारी अनवर ढेबर और कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर एक प्रभावी नेटवर्क खड़ा किया था। आरोप है कि यह नेटवर्क हर महीने करीब 50 लाख रुपये अवैध कमाई कर रहा था। जांच एजेंसी ने बताया कि इस काली कमाई से लगभग 50 करोड़ रुपये की संपत्तियां खड़ी की गईं।

इसके अलावा, EOW ने दावा किया कि नोएडा की प्रिज्म होलोग्राफिक सिक्योरिटी फिल्म्स को टेंडर दिलाने में निरंजन दास की मुख्य भूमिका रही। कंपनी मानकों पर खरी नहीं उतरती थी, फिर भी उसे ठेका दिया गया और प्रत्येक होलोग्राम पर 8 पैसे कमीशन तय किया गया। इस कथित गड़बड़ी से राज्य को लगभग 1200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

अवैध कमाई कैसे पहुंचती थी सिंडिकेट तक

EOW के अनुसार, अवैध कमाई का पूरा पैसा सिंडिकेट के मुख्य सदस्य अनवर ढेबर तक पहुंचता था। आयकर विभाग की जांच में सामने आया कि जनवरी 2019 से फरवरी 2020 के बीच रकम को रायपुर की जेल रोड स्थित गिरीराज होटल में रखा जाता था, जो यश और नितेश पुरोहित की स्वामित्व वाली संपत्ति है। इसी होटल से यह पैसा अधिकारियों, नेताओं और पार्टी फंड तक पहुंचाया जाता था। अनवर ढेबर का मैनेजर दीपेन चावड़ा इस गोपनीय लेनदेन की जिम्मेदारी संभालता था और रकम को आगे भिलाई तक पहुंचाता था, जहां लक्ष्मीनारायण बंसल उर्फ पप्पू और चैतन्य बघेल इसे मैनेज करते थे। निरंजन दास को भी इस अवैध कमाई में हिस्सेदारी मिलती थी, जिसके आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।

घोटाले की रकम बढ़कर 3200 करोड़ से भी अधिक

EOW की पिछली जांच में 2018 से 2023 के बीच अवैध शराब बिक्री से प्रदेश को लगभग 2174 करोड़ रुपये का नुकसान बताया गया था। लेकिन नए पूरक चालान में यह राशि बढ़कर 3200 करोड़ रुपये से भी अधिक बताई गई है। जांच में इस पैसे से संबंधित अधिकारियों और उनके रिश्तेदारों के नाम पर संपत्तियां खरीदने के सबूत भी सामने आए हैं।

The post CG Liquor Scam: शराब घोटाले में EOW की बड़ी कार्रवाई, पूर्व IAS निरंजन दास सहित 6 आरोपी नामजद appeared first on Maarmik.in.

]]>
https://maarmik.in/cg-liquor-scam-eow-takes-major-action-in-liquor-scam/feed/ 0
CG Liquor Scam: चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई, ईडी को नोटिस…! https://maarmik.in/cg-liquor-scam-high-court-to-hear-chaitanya-baghels-bail/ https://maarmik.in/cg-liquor-scam-high-court-to-hear-chaitanya-baghels-bail/#respond Mon, 03 Nov 2025 11:47:37 +0000 https://maarmik.in/?p=5803 CG Liquor Scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। इस प्रकरण की अगली सुनवाई 18 नवंबर 2025 को होगी। सुप्रीम कोर्ट […]

The post CG Liquor Scam: चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई, ईडी को नोटिस…! appeared first on Maarmik.in.

]]>
CG Liquor Scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। इस प्रकरण की अगली सुनवाई 18 नवंबर 2025 को होगी।

सुप्रीम कोर्ट में भी हुई थी अहम सुनवाई

इससे पहले 31 अक्टूबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट में भी चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई थी।

  • सुनवाई जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ में हुई।

  • कपिल सिब्बल और एन. हरिहरन ने चैतन्य बघेल की ओर से पैरवी की।

  • ASG एस.वी. राजू ने ईडी की ओर से पक्ष रखा।

  • सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को 10 दिन के भीतर काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया था।

जन्मदिन पर हुई थी गिरफ्तारी

ईडी ने 18 जुलाई 2025 को चैतन्य बघेल को उनके भिलाई निवास से गिरफ्तार किया था — वही दिन उनका जन्मदिन भी था। गिरफ्तारी धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई। ईडी की जांच एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर पर आधारित है, जिसमें आईपीसी की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत अपराध दर्ज हैं। जांच के मुताबिक, इस घोटाले से प्रदेश को भारी आर्थिक नुकसान हुआ और करीब ₹2,500 करोड़ की अवैध कमाई (POC) विभिन्न लाभार्थियों तक पहुंचाई गई।

ईडी का दावा — चैतन्य बघेल को मिले 16.70 करोड़ रुपये

ईडी की जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि चैतन्य बघेल को 16.70 करोड़ रुपये नगद प्राप्त हुए। यह राशि उन्होंने अपनी रियल एस्टेट फर्मों के प्रोजेक्ट्स में लगाई।
रिपोर्ट के अनुसार —

  • ठेकेदारों को नकद भुगतान किया गया।

  • बैंक ट्रांजैक्शन में नकद के बदले प्रविष्टियाँ की गईं।

  • त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ मिलकर एक वित्तीय योजना (फर्जी निवेश योजना) तैयार की गई।

  • “विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट” में फर्जी फ्लैट खरीद के माध्यम से ₹5 करोड़ रुपये प्राप्त किए गए।

बैंकिंग रिकॉर्ड्स से यह भी स्पष्ट हुआ कि संबंधित अवधि में त्रिलोक सिंह ढिल्लों के खातों में शराब सिंडिकेट से रकम जमा हुई थी।

मामले में पहले से कई बड़े नाम गिरफ्त में

ईडी ने इस घोटाले में अब तक कई प्रभावशाली लोगों को गिरफ्तार किया है —

  • पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा

  • अरविंद सिंह

  • त्रिलोक सिंह ढिल्लों

  • अनवर ढेबर

  • आईटीएस अधिकारी अरुण पति त्रिपाठी

  • पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक कवासी लखमा

ईडी के अनुसार, शराब बिक्री से अवैध वसूली का एक संगठित नेटवर्क संचालित किया जा रहा था, जिसकी जांच अभी जारी है।

अगली तारीख

अब इस मामले में अगली सुनवाई 18 नवंबर 2025 को होगी, जिसमें ईडी का जवाब पेश किया जाएगा और जमानत याचिका पर आगे की दलीलें सुनी जाएंगी।

The post CG Liquor Scam: चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई, ईडी को नोटिस…! appeared first on Maarmik.in.

]]>
https://maarmik.in/cg-liquor-scam-high-court-to-hear-chaitanya-baghels-bail/feed/ 0