political pressure Archives - Maarmik.in https://maarmik.in/tag/political-pressure/ खबरों का नया दृष्टिकोण Mon, 27 Oct 2025 04:12:27 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://maarmik.in/wp-content/uploads/2025/06/cropped-m-logo-scaled-1-32x32.png political pressure Archives - Maarmik.in https://maarmik.in/tag/political-pressure/ 32 32 रिंकू सिंह का काला सच: गुंडागर्दी, बालू माफिया और दयानंद वर्मा हत्याकांड में घिरा जनप्रतिनिधि https://maarmik.in/%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a5%82-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%9a-%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%82%e0%a4%a1/ https://maarmik.in/%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a5%82-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%9a-%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%82%e0%a4%a1/#respond Mon, 27 Oct 2025 04:12:27 +0000 https://maarmik.in/?p=5729 बेतिया / पश्चिम चंपारण — वाल्मीकिनगर विधानसभा से विधायक धीरेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ़ रिंकू सिंह का नाम एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार विकास कार्यों के लिए नहीं, बल्कि गुंडागर्दी, अवैध कारोबार और हत्या जैसे गंभीर आरोपों के लिए। राजनीति के मंच पर खुद को “जनसेवक” बताने वाले इस नेता पर अब […]

The post रिंकू सिंह का काला सच: गुंडागर्दी, बालू माफिया और दयानंद वर्मा हत्याकांड में घिरा जनप्रतिनिधि appeared first on Maarmik.in.

]]>
बेतिया / पश्चिम चंपारण — वाल्मीकिनगर विधानसभा से विधायक धीरेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ़ रिंकू सिंह का नाम एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार विकास कार्यों के लिए नहीं, बल्कि गुंडागर्दी, अवैध कारोबार और हत्या जैसे गंभीर आरोपों के लिए। राजनीति के मंच पर खुद को “जनसेवक” बताने वाले इस नेता पर अब जनता सवाल उठा रही है — क्या यह सेवा की राजनीति है या सत्ता का अपराधीकरण?

सूत्रों के अनुसार, रिंकू सिंह का नाम लंबे समय से बालू माफिया और ठेकेदारी नेटवर्क से जुड़ा बताया जाता रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विधायक के संरक्षण में क्षेत्र में अवैध बालू खनन, सरकारी ज़मीनों पर कब्ज़ा और प्रशासन पर दबाव डालने जैसी गतिविधियाँ जारी हैं। इन सबके बीच, 2021 में हुए दयानंद वर्मा हत्याकांड ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी थी। उस मामले में मृतक की पत्नी ने स्पष्ट रूप से विधायक रिंकू सिंह का नाम आरोपी के रूप में दर्ज कराया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई — जिससे “कानून से ऊपर सत्ता” की मानसिकता पर गंभीर सवाल उठता है।

स्थानीय विपक्षी नेताओं का कहना है कि रिंकू सिंह का पूरा नेटवर्क “धन, बल और सत्ता” पर टिका है। चुनाव के दौरान जनता से किए वादे अब सिर्फ भाषणों तक सीमित हैं, जबकि क्षेत्र में भय और दबाव का माहौल कायम है। ग्रामीणों का आरोप है कि अगर कोई रिंकू सिंह के खिलाफ आवाज़ उठाता है तो उसे राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव का सामना करना पड़ता है।

विपक्ष का साफ कहना है कि “रिंकू सिंह जैसे नेता लोकतंत्र की जड़ों में जहर घोल रहे हैं। जनता का हक़, जनता की आवाज़ और जनता की ज़मीन — सब सत्ता की भूख में कुर्बान की जा रही है।”

अब सवाल यह है कि आखिर कब तक ऐसे आरोपित चेहरों को जनता प्रतिनिधि का दर्जा देती रहेगी?

जनता अब जागरूक हो रही है, और शायद आने वाले चुनाव में रिंकू सिंह जैसे नेताओं को अपनी करनी का हिसाब देना पड़ेगा।

 

The post रिंकू सिंह का काला सच: गुंडागर्दी, बालू माफिया और दयानंद वर्मा हत्याकांड में घिरा जनप्रतिनिधि appeared first on Maarmik.in.

]]>
https://maarmik.in/%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a5%82-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%9a-%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%82%e0%a4%a1/feed/ 0
Raipur News: नगर निगम रायपुर का आदेश बना मजाक, राजनीतिक दबाव में अटकी कार्रवाई https://maarmik.in/raipur-news-raipur-municipal-corporations-order-becomes-a-joke-action-stalled-due-to-political-pressure/ https://maarmik.in/raipur-news-raipur-municipal-corporations-order-becomes-a-joke-action-stalled-due-to-political-pressure/#respond Tue, 14 Oct 2025 16:08:17 +0000 https://maarmik.in/?p=5630 Raipur News: राजधानी रायपुर में प्रशासन द्वारा घोषित ‘नो फ्लैक्स जोन’ अब केवल एक दिखावटी नारा बनकर रह गया है। तेलीबांधा से टाटीबंध तक की प्रमुख सड़क को फ्लैक्स-मुक्त जोन घोषित किया गया था, लेकिन आज वही इलाका राजनीतिक, धार्मिक और व्यावसायिक फ्लैक्स बैनरों से पटा हुआ है। नगर निगम हर महीने 8 से 10 […]

The post Raipur News: नगर निगम रायपुर का आदेश बना मजाक, राजनीतिक दबाव में अटकी कार्रवाई appeared first on Maarmik.in.

]]>
Raipur News: राजधानी रायपुर में प्रशासन द्वारा घोषित ‘नो फ्लैक्स जोन’ अब केवल एक दिखावटी नारा बनकर रह गया है। तेलीबांधा से टाटीबंध तक की प्रमुख सड़क को फ्लैक्स-मुक्त जोन घोषित किया गया था, लेकिन आज वही इलाका राजनीतिक, धार्मिक और व्यावसायिक फ्लैक्स बैनरों से पटा हुआ है। नगर निगम हर महीने 8 से 10 लाख रुपये फ्लैक्स हटाने में खर्च कर रहा है, मगर स्थिति जस की तस बनी हुई है।

‘स्मार्ट पोल’ अब बन गए ‘फ्लैक्स पोल’, राहगीरों के लिए खतरा

रायपुर के आमापारा से यूनिवर्सिटी गेट तक लगाए गए स्मार्ट पोल अब फ्लैक्स लगाने वालों की पहली पसंद बन चुके हैं। टूटे फ्रेम और लटकते फ्लैक्स दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए खतरा साबित हो रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में ऐसे कई हादसे सामने आए हैं जिनमें लोगों को चोटें आईं और कुछ मामलों में मौतें भी हुई हैं। निगम प्रतिदिन 10 टाटा एस गाड़ियाँ और प्रत्येक जोन में 5-5 कर्मचारियों को फ्लैक्स हटाने के लिए तैनात करता है, लेकिन फ्लैक्स हटाने के कुछ घंटों बाद ही नए बैनर लग जाते हैं।

राजनीतिक दबाव में कमजोर हुई कार्रवाई

महापौर मीनल चौबे ने हाल ही में सख्ती के निर्देश जारी किए, लेकिन निगम अधिकारियों के अनुसार, राजनीतिक दबाव के कारण कार्रवाई कमजोर पड़ जाती है। विधायक राजेश मूणत और कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने भी फ्लैक्स पर पूर्ण रोक के आदेश दिए थे, फिर भी राजनीतिक सिफारिशों के चलते निगम कार्रवाई से पीछे हट जाता है।

नगर निवेश प्रभारी आभाष मिश्रा का कहना है —

“महापौर और आयुक्त अब इस बार सख्त हैं। रायपुर में बड़े शहरों की तर्ज पर रोडसाइड फ्लैक्स पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी।”

त्योहारी फ्लैक्स बने स्थायी, प्लास्टिक कचरा नई चुनौती

त्योहार खत्म होने के बाद भी फ्लैक्स हटाए नहीं जा रहे। आमापारा चौक में अब भी गणेश उत्सव के फ्लैक्स टंगे हैं, जबकि नवरात्रि और दशहरा के बैनर दीपावली तक बने रहते हैं। इन फ्लैक्स को हटाने से निकलने वाला प्लास्टिक कचरा शहर के लिए नया पर्यावरणीय खतरा बन चुका है। निगम के पास फिलहाल ठोस कचरा निपटान की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, और यह कचरा रिसाइकल एजेंसियों को सौंपा जा रहा है।

8-10 लाख खर्च, फिर भी ‘नो फ्लैक्स जोन’ का मजाक जारी

हर महीने नगर निगम लगभग 8-10 लाख रुपये फ्लैक्स हटाने में खर्च करता है। यह राशि साफ-सफाई, सड़क सुधार या सार्वजनिक सुविधाओं में उपयोग की जा सकती थी अब निगम ने घोषणा की है कि वह अगले महीने से सख्ती और जन-जागरूकता अभियान शुरू करेगा।
अधिकारियों का दावा है — “अगर राजनीतिक और धार्मिक फ्लैक्स पर भी निष्पक्ष कार्रवाई हुई, तो रायपुर को फ्लैक्स-मुक्त बनाया जा सकता है।”

फिलहाल, रायपुर की सड़कें यही सच्चाई बयां कर रही हैं कि जहां ‘नो फ्लैक्स’ लिखा है, वहीं सबसे ज्यादा फ्लैक्स लटके हैं।

The post Raipur News: नगर निगम रायपुर का आदेश बना मजाक, राजनीतिक दबाव में अटकी कार्रवाई appeared first on Maarmik.in.

]]>
https://maarmik.in/raipur-news-raipur-municipal-corporations-order-becomes-a-joke-action-stalled-due-to-political-pressure/feed/ 0