UPSC Exam Accessibility Archives - Maarmik.in https://maarmik.in/tag/upsc-exam-accessibility/ खबरों का नया दृष्टिकोण Fri, 12 Dec 2025 12:21:37 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9 https://maarmik.in/wp-content/uploads/2025/06/cropped-m-logo-scaled-1-32x32.png UPSC Exam Accessibility Archives - Maarmik.in https://maarmik.in/tag/upsc-exam-accessibility/ 32 32 UPSC का ऐतिहासिक फैसला…. https://maarmik.in/upsc/ https://maarmik.in/upsc/#respond Fri, 12 Dec 2025 12:21:37 +0000 https://maarmik.in/?p=6732 UPSC : नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने अपनी विभिन्न परीक्षाओं में शामिल होने वाले दिव्यांग (Persons with Benchmark Disabilities – PwBD) उम्मीदवारों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और राहत भरा फैसला लिया है। आयोग ने परीक्षा की सुगमता और पहुंच (accessibility) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से घोषणा की है कि विशिष्ट […]

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UPSC : नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने अपनी विभिन्न परीक्षाओं में शामिल होने वाले दिव्यांग (Persons with Benchmark Disabilities – PwBD) उम्मीदवारों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और राहत भरा फैसला लिया है। आयोग ने परीक्षा की सुगमता और पहुंच (accessibility) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से घोषणा की है कि विशिष्ट दिव्यांगता वाले प्रत्येक उम्मीदवार को अब उनकी परीक्षाओं के लिए उनके ‘पसंदीदा परीक्षा केंद्र’ की सुविधा दी जाएगी।

UPSC  : इसका सीधा अर्थ यह है कि दिव्यांग अभ्यर्थी अपने आवेदन फॉर्म में जिस परीक्षा केंद्र का चयन करेंगे, यूपीएससी उन्हें वही केंद्र आवंटित करने की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित करेगा। यह फैसला इन उम्मीदवारों को अक्सर होने वाली व्यवस्था संबंधी चुनौतियों और उनकी विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

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पाँच वर्षों के विश्लेषण के बाद लिया गया निर्णय
यूपीएससी के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने इस फैसले के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि आयोग ने बीते पाँच वर्षों के परीक्षा केंद्रों के आंकड़ों का गहन विश्लेषण किया। विश्लेषण में पाया गया कि दिल्ली, कटक, पटना और लखनऊ जैसे कुछ लोकप्रिय केंद्र आवेदकों की अधिक संख्या के कारण बहुत जल्दी अपनी क्षमता की अधिकतम सीमा तक पहुँच जाते हैं।

इस कारण, दिव्यांग उम्मीदवारों को अक्सर ऐसे केंद्रों का चयन करने के लिए मजबूर होना पड़ता था जो उनके निवास स्थान या अन्य कारणों से सुविधाजनक नहीं होते थे। डॉ. कुमार ने कहा कि यूपीएससी के इस नए निर्णय से अब प्रत्येक दिव्यांग उम्मीदवार को उसका पसंदीदा केंद्र मिलेगा, जिससे उन्हें परीक्षा में शामिल होने के दौरान अधिकतम सुविधा और सहजता सुनिश्चित होगी।

यूपीएससी की नई रणनीति: अतिरिक्त क्षमता का प्रावधान
यूपीएससी ने इस फैसले को लागू करने के लिए एक विस्तृत रणनीति तैयार की है ताकि किसी भी दिव्यांग उम्मीदवार को उसकी पसंद के केंद्र से वंचित न होना पड़े:

क्षमता का उपयोग: प्रत्येक परीक्षा केंद्र की वर्तमान क्षमता का उपयोग पहले दिव्यांगजनों और गैर-दिव्यांगजनों दोनों तरह के उम्मीदवारों द्वारा एक साथ किया जाएगा।

गैर-दिव्यांगों के लिए रोक: एक बार जब कोई केंद्र अपनी पूरी क्षमता तक पहुँच जाएगा, तो वह गैर-दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए चयन हेतु उपलब्ध नहीं रहेगा।

दिव्यांगों के लिए विकल्प जारी: हालांकि, क्षमता पूरी होने के बावजूद भी, दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए उस केंद्र का चयन करने का विकल्प जारी रहेगा।

अतिरिक्त व्यवस्था: यदि निर्धारित क्षमता पूरी होने के बाद भी दिव्यांग अभ्यर्थियों द्वारा उस केंद्र का चयन किया जाता है, तो यूपीएससी अतिरिक्त क्षमता (additional capacity) की व्यवस्था करेगी।

यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी दिव्यांग उम्मीदवार को उसकी पसंद के केंद्र से वंचित न किया जाए। यूपीएससी का यह कदम समावेशन (Inclusion) और समान अवसर प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है, जो दिव्यांग उम्मीदवारों को बिना किसी अनावश्यक बाधा के देश की सर्वोच्च सिविल सेवा परीक्षाओं में भाग लेने में सक्षम बनाएगी।

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