वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सरकारी सेवाओं और सूचनाओं तक नागरिकों की आसान पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से AI-संचालित America.gov वेबसाइट लॉन्च की है। इस पोर्टल पर उपलब्ध नया AI चैटबॉट शुरुआत में कई राजनीतिक और संवेदनशील सवालों के जवाब देता नजर आया, लेकिन उसके कुछ जवाब राष्ट्रपति ट्रंप के सार्वजनिक दावों से अलग पाए गए। बाद में चैटबॉट ने ऐसे कई राजनीतिक सवालों का जवाब देना भी बंद कर दिया।
लॉन्च के शुरुआती समय में चैटबॉट से 2020 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव, 2028 में ट्रंप की संभावित उम्मीदवारी, जलवायु परिवर्तन, पेंटागन और राष्ट्रपति के वेतन जैसे विषयों पर सवाल पूछे गए। इनमें से कई जवाब ट्रंप के लंबे समय से दिए जा रहे बयानों से मेल नहीं खाते थे।
2020 चुनाव पर क्या बोला AI?
2020 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर चैटबॉट ने कहा कि आधिकारिक संघीय रिकॉर्ड में ऐसा कोई प्रमाण नहीं है जिससे यह साबित हो कि व्यापक स्तर पर हुई कथित धांधली ने चुनाव परिणाम को प्रभावित किया। चैटबॉट ने यह भी स्वीकार किया कि कुछ अलग-अलग चुनावी अपराधों के मामले सामने आए थे, लेकिन उनसे चुनाव परिणाम नहीं बदला। यह जवाब ट्रंप के उस दावे से अलग था, जिसमें वे लगातार चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली की बात कहते रहे हैं।
कुछ ही देर में बदला चैटबॉट का व्यवहार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लॉन्च के कुछ समय बाद चैटबॉट ने अपने जवाबों का तरीका बदल दिया। 2020 चुनाव जैसे राजनीतिक सवाल पूछे जाने पर उसने जवाब देना बंद कर दिया और कहा कि वह राजनीतिक विषयों पर प्रतिक्रिया नहीं देता।
2028 चुनाव पर संविधान का हवाला
जब चैटबॉट से पूछा गया कि क्या डोनाल्ड ट्रंप 2028 का राष्ट्रपति चुनाव लड़ सकते हैं, तो उसने अमेरिकी संविधान के 22वें संशोधन का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति दो बार से अधिक राष्ट्रपति निर्वाचित नहीं हो सकता। साथ ही उसने स्पष्ट किया कि यह कानूनी सलाह नहीं है।
पेंटागन और राष्ट्रपति वेतन पर भी अलग जवाब
चैटबॉट ने पेंटागन को अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस (रक्षा विभाग) का मुख्यालय बताया, जबकि ट्रंप प्रशासन रक्षा विभाग का नाम बदलने की दिशा में पहल कर चुका है।
राष्ट्रपति के वेतन से जुड़े सवाल पर भी AI ने ट्रंप के उस दावे से अलग जानकारी दी कि वे वेतन छोड़ने वाले पहले राष्ट्रपति हैं। चैटबॉट के अनुसार, जॉर्ज वॉशिंगटन, हर्बर्ट हूवर और जॉन एफ. कैनेडी जैसे पूर्व राष्ट्रपति भी अपना वेतन लेने से इनकार कर चुके थे।
लॉन्च के साथ ही चर्चा में आया AI चैटबॉट
America.gov का AI चैटबॉट लॉन्च के कुछ ही घंटों में अपने जवाबों को लेकर चर्चा का विषय बन गया। राजनीतिक सवालों पर शुरुआती प्रतिक्रियाओं और बाद में बदले रुख ने AI सिस्टम की कार्यप्रणाली और सरकारी प्लेटफॉर्म पर AI के उपयोग को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

