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रायपुर। छत्तीसगढ़ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की वर्ष 2021 से मई 2026 तक की कार्रवाई रिपोर्ट में प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, सबसे ज्यादा रिश्वतखोरी के मामले राजस्व विभाग से सामने आए हैं, जबकि स्कूल शिक्षा विभाग इस सूची में दूसरे स्थान पर है। ACB के आंकड़ों से पता चलता है कि बीते पांच वर्षों में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आई है। इस दौरान कुल 154 ट्रैप प्रकरणों में 193 शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिसमें रिश्वत की कुल 51 लाख 67 हजार 540 रुपए की राशि जब्त की गई। हालांकि, इस अवधि में केवल 5 आरोपियों को ही सजा मिल सकी।

2023 के बाद बढ़े भ्रष्टाचार के खिलाफ मामले

ACB की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2021 में रिश्वतखोरी के 13 मामलों में 14 सरकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया था। वर्ष 2022 में भी 13 प्रकरण दर्ज हुए, जिसमें 18 अधिकारी-कर्मचारी पकड़े गए। वर्ष 2023 में कार्रवाई का आंकड़ा बढ़कर 44 मामलों तक पहुंच गया। इन मामलों में 57 सरकारी कर्मचारियों की गिरफ्तारी हुई और करीब 11.52 लाख रुपए रिश्वत की राशि बरामद की गई। वर्ष 2024 में ACB ने सबसे ज्यादा 60 ट्रैप मामले दर्ज किए, जिसमें 71 सरकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई। इस दौरान 23.91 लाख रुपए से ज्यादा रिश्वत राशि जब्त की गई। वहीं वर्ष 2026 में 28 मई तक 24 मामलों में 33 अधिकारी-कर्मचारी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

राजस्व विभाग में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार के मामले

ACB के विभागवार आंकड़ों में राजस्व विभाग सबसे ऊपर है। वर्ष 2021 से 28 मई 2026 तक राजस्व विभाग में कुल 56 ट्रैप मामले दर्ज किए गए, जिनमें 67 शासकीय सेवक आरोपी बनाए गए। इनमें एसडीएम और तहसीलदार स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। इसके बाद स्कूल शिक्षा विभाग का नंबर आता है, जहां 20 मामलों में 25 सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई। इनमें सहायक संचालक और जिला शिक्षा अधिकारी स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। वहीं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में 14 मामले और 15 आरोपी, गृह (पुलिस) विभाग में 10 मामले और 13 आरोपी दर्ज किए गए हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में 7 और स्वास्थ्य विभाग में 6 ट्रैप मामले सामने आए हैं।

आदिवासी जिलों में भ्रष्टाचार के खिलाफ ज्यादा शिकायतें

ACB के आंकड़ों के अनुसार, आदिवासी बहुल जिलों के लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ ज्यादा जागरूक नजर आए हैं। सूरजपुर जिले में सबसे ज्यादा 16 ट्रैप मामले दर्ज किए गए, जबकि सरगुजा जिले में 12 मामलों में सबसे ज्यादा 20 सरकारी कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया। राजधानी रायपुर में 13 मामलों में 15 आरोपी पकड़े गए। इसके अलावा रायगढ़ में 11 मामले और 12 आरोपी दर्ज हुए। मुंगेली, बिलासपुर, बलरामपुर, दुर्ग, जांजगीर-चांपा और एमसीबी जैसे जिलों में भी भ्रष्टाचार से जुड़े मामले सामने आए हैं।

निर्माण कार्य और जमीन से जुड़े कामों में सबसे ज्यादा रिश्वत

ACB की रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी विभागों में सबसे ज्यादा रिश्वत निर्माण कार्यों के भुगतान के लिए मांगी गई। इस मामले में 14 ट्रैप केस दर्ज हुए हैं।

इसके बाद जमीन से जुड़े कामों में रिश्वत के मामले सामने आए हैं। इनमें:

  • जमीन सीमांकन — 8 मामले
  • जमीन नामांतरण — 8 मामले
  • राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्तीकरण — 8 मामले

इसके अलावा मुआवजा राशि दिलाने, पेंशन-ग्रेच्युटी जारी करने, बिजली कनेक्शन, निर्माण कार्य सत्यापन और जमीन की चौहद्दी बनाने जैसे कार्यों में भी रिश्वत लेने के मामले दर्ज किए गए।

ACB की रिपोर्ट से सामने आई भ्रष्टाचार की तस्वीर

ACB की पांच साल की रिपोर्ट बताती है कि सरकारी तंत्र में रिश्वतखोरी के खिलाफ शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। राजस्व और शिक्षा जैसे विभागों में सबसे ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं, वहीं ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों से भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायतों में लोगों की बढ़ती जागरूकता भी दिखाई दे रही है।

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